
हाथरस पुरदिलनगर अरिद्र नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण अब नगला बिहारी को जाने वाले मार्ग के साथ गांव में भी पानी ने अपनी दस्तक दे दी है अब पानी धीरे-धीरे आबादी क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है इस कारण ग्रामीण चिंतित हैं इधर करीब 1500 बीघा फसल बाजरा धान की नष्ट हो गई है अब ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी होती जा रही है तहसील सिकंद्राराऊ क्षेत्र के गांव नगला वरी कल्लूपुरा महाराजपुर गोपालपुर सिचावली नवापुर नगला बिहारी नगला उदैया ब्राह्मण बरसामई नगला मानधाती और सिहोरी इन गावों मे अरिद्र नदी का पानी खेतों तक पहुंच गया है आलम यह है कि नगला बिहारी में तो यह पानी आबादी में भी प्रवेश कर गया है इस कारण मकान के सहारे पानी भर गया है ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही पानी की निकासी नहीं की गई तो पानी मकान में घुस जाएगा और घरेलू सामान को नुकसान होना भी शुरू हो जाएगा फिलहाल पानी इन गांव में धान व बाजार की फसलों में घुस चुका है फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है नगला बिहारी से नगलावरी जाने वाले मार्ग पर भी पानी भर गया है वाहन स्वामी पानी में होकर वाहन लेकर जाने पर मजबूर हैं फसल हुई थी नष्ट दो वर्ष 2024 में भी इस नदी के कारण किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो तो उसे दौरान 3957 किसानो की फसल नष्ट हुई थी हालांकि 1.68 करोड रुपए का मुआवजा बांटा गया था लेकिन यह मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरे के समान रहा किसानों का आरोप था कि नुकसान के अनुसार मुआवजा नहीं मिल सका था इस बार भी फसल नष्ट होना शुरू हो गई है









